गोठ बात

छत्‍तीसगढी गोठ बात : जंवरा-भंवरा

एतवारी बजार के दिन । जाने चिन्हें गंवई के मोर संगवारी सिदार जी असड़िहा घाम म किचकिचात पसीना, म लरबटाये, हकहकात, सायकिल ले उतर के, कोलकी के पाखा म साइकिल ल ओधा के, हमर घर बिहनिया नवबजिहा आइन । कथें मोला- “हजी, चला बजार जाबो । थोड़कन हाट कर दिहा।” जाय के मन तो एकरच […]

छत्तीसगढ़ी भाखा

छत्तीसगढ़ी भाषा मं लिनक्स अउ विंडोज प्रोग्राम

अडबड खुसी के बात हे कि हमर भाखा के सोर चारो मूडा बगरत हे। कम्‍प्‍यूटर म हमर भाखा के झंडा फहराए बर हमर मयारू रवि भईया हर अपन मेहनत ले छत्तीसगढ़ी भाखा मं लिनक्स अउ विंडोज प्रोग्राम रिलीज करईया हे।  सरकार चाहही त ये प्रोग्राम ले हमर गांवों गांव के पंचईत भवन अउ च्‍वाईस सेंटर […]

कविता

बात सुनव छत्तीसगढ़ के, बन औषधि के जड़ के

बात सुनव छत्तीसगढ़ के बन औषधी के जड़ के  ‘बसदेवा धुन’ कबि – हेमंत वैष्‍णव, संपादक बालगुडी छत्‍तीसगढ़  बात सुनव छत्तीसगढ़ के बन औषधि के जड़ के             बात सुनव 1. जड़ कांदा फल फूल अउ डार    बीज छाल अउ पाना म उपचार     बात सुनव    औषधि […]

कविता

तन मन होगय चंगा

छल प्रपंच के होरी जरगे छलकय निरमल गंगा आते साठ बसंत राज के तन-मन होगय चंगा जूही चमेली चंपा मोंगरा फुलगे  ओरमा झोरमा केकती केवरा अउ गुलाब संग धरती गावय करमा लाल-लाल दहकत हे परसा सेम्हर घलो इतरागे कहर-महर सिरसा के फुलुवा थकहा जीव जुड़ागे झमकय घाठ धठौंधा पैरी बाजय ढोल मृदंगा आते साठ बसंत […]

कविता

मँहगाई

मार डारिस हमला मँहगाई, गुनेला होगे का करबो जी । कइसे के जिनगी ला चलाई, गुनेला होगे का करबो जी। माहंगी के दार चाहुंर मांहगी के तेल। माहंगी मा जिनगी हमर बनगे हे खेल।। साग भाजी नुन मिरचा झाड़ु साबुन बट्टा। सपना होगे पहिरे बर नवां कपड़ा लत्ता।। जुन्ना ला कतेक ला उजराई गुनेला होगे […]

कविता

ऐसो के देवारी म

चारो मुड़ा गियान के उजियार हो जाए अगियान के अंधियारी घलो मिट जाए, दिया जले मया-पिरीत के सबो अंगना अऊ दुवारी म, कुछु अइसन हो जाए ऐसो के देवारी म। समारू के बेटा घलो नवा कपड़ा पहिर सके, मंगलू के नोनी सुरसुरी जलाके फटाका फोर सके, दिखे बबा अऊ डोकरी दाई के चेहरा म खुसी […]

व्यंग्य

चित्रगुप्‍त हा पेसी के पईसा खावत हे, यम के भंइसा अब ब्‍लाग बनावत हे.

जमराज हा चित्रा गुप्त ला रात के चेता के सुतिस के मोर भैंसा ला बने खवा पिया के सुग्घर मांज धो के राखहु, काली मोला मूनधरहाच ले कोरट जाना हवय भुलाहु झन, चित्रगुप्त हा जम्मो नौकर मन ला चेता के ऊहु हा सुते ला चल दिस, ऍती बिहनिया हुईस ता जमराज हा कोरट जाये बर […]

संपादकीय

दू आखर

मयारू संगी, हमर गुरतुर गोठ ह आज गांधी बबा अउ सास्‍त्री जी के जयंती के दिन अपन एक बरछ पूरा कर लीस. ये एक बरिस म हम अपन गुरतुर गोठ ला अपन मन म संजोये सपना असन तो पूरा नई कर पायेन. फेर संगी मन के सहजोग ले सरलग आघू बढत रहेन. आप मन हमर […]