कविता

गॉंव कहॉं सोरियाव हे : गॉंव रहे ले दुनिया रइही – डॉ. चितरंजन कर

पहली संस्करन : 2010 मूल्य : एक सौ रुपए कृति स्वामी : बुधराम यादव प्रकाशक : छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति, जिला शाखा, बिलासपुर (छ.ग.) आखर संयोजन : योगेन्द्र कुमार यादव छापाखाना : योगी प्रिन्टर्स, डी-1, सुपरमार्केट, अग्रसेन चौक, बिलासपुर (छ.ग.) मोबाइल : 094252 22806 सम्पर्क : बुधराम यादव `मनोरथ’, एमआईजी-ए/8, चंदेला नगर रिंग रोड नं.2, बिलासपुर […]

व्यंग्य

ढ़पोरशंख के किस्‍सा : भावना श्रीवास, तखतपुर

एक झन बावहन अऊ बम्हनीन रहिस उमन अड़बड़ गरीब रहीन। एक दिन बम्हनीन ह बावहन ल कहिथे कि तुमन कुछु अइसे उपाय करा जेखर ले हमर गरीबी ह दूर हो जाय। दूसर दिन बावहन हर जंगल म तपस्या करे बर चल दिस। ओकर तपस्या ले प्रसन्न हो के भगवान विस्नु ह दरसन दिहिस अऊ वरदान […]

कविता

आह! घनचकरूं वाह!!

आह! घनचकरूं वाह!! रामकुमार धीवर, सीपत नेता नाव दलबदलू, खुरसी लोभी आप। कभू पंजा, कभू कमल, कभू कटोरा छाप।। कभू कटोरा-छाप, चुनाव बर भीखमंगा। पल-पल धोखा करय, जनता के बनाय नंगा।। आह! घनचकरुं वाह!! सुवारथी देसमेढ़ा। सरम-धरम खूंटी म, ओही ह असली नेता।। पूज ले अपन डउकी क, फूल नरियर चढ़ाव। मेड़वा डउका बनके, तरइ […]

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इस अंक में खने ला न कोड़े ला, धरे ल खबोसा मंगल कामना के दिन आय अक्ती काहनी : फंदी बेंदरा मानवता के पुजारी सत्य साईं बाबा हमर छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी राजभासा कामकाज के भासा कब बनही जरूरत हावय रामराज के किरकेट के महाकुंभ मइया पांचो रंगा सुधा वर्मा