कहानी

महतारी बरोबर भउजी

फेर सब्बो दिन अउ बादर ह एके नइ राहय। एक दिन जमुना के दाई ह भगवान के दुवार म चल दिस अउ दू महिना बाद ददा ह घलो सरग सिधारगे। जमुना ह तीजा-पोरा म अपन भाई के रस्ता ल देखत रहिस कि मोला भाई ह लेगे बर आही, पोरा तिहार ह मनागे फेर भाई ह […]

गोठ बात

नोनी-बाबू के बिहाव

जन्म से लेके मृत्यु तक मनखे मन के सोला संस्कार होथे अऊ सोला संस्कार मं एक ठन संस्कार हे बिहाव संस्कार। बिहाव संस्कार ह अड़बड महत्वपूर्णं होथे काबर कि दू झन परदेसी ह एक संघरा जिनगी बिताय बर तियार होथे। हमर छत्तीसगढ़ मं अनेक जाति के मनखे हे अउ जाति के अनुसार बिहाव के अनेक […]

कहानी

मुठिया के पेड़

– वीरेन्द्र सरल एक गाँव म एक झन डोकरी रहय। ओखर एक झन बेटा रहय, नाव रहय कल्लू। कल्लू ह निचट अलाल अउ घुम्मकड़ रहय। कल्लू के छोटे रहत ले डोकरी ह कुटिया पिसिया बनी भूति करके वोला पोस डारिस फेर जब कल्लू ह जवान होगे तब कमती आमदनी म महतारी बेटा दुनो के गुजारा […]

कहानी

ईमानदार चोर

– वीरेन्द्र सरल एक राज मे एक झन राजा राज करय। राजा के तीन बेटा रहय। दु झन बेटा के बिहाव होगे रहय फेर तीसरा बेटा ह कुवांरा रहय। एक दिन राजा सोचिस कि अब मोर बुढ़ापा आगे हावे, ये जीव कब छूट जही तेखर कोई ठिकाना नइहे। मरे के पहिली मै अपन संपत्ति ला […]

कविता

कारी, कुरसी अउ कालाधन संग दस कबिता

1:- कुरसी अउ कालाधन करजा मा बूड़े हावय दिन ब्यभिचारी रात हांसत हावय बलात्कार होवत हावय दिन रात तन मा मन मा लोकतंत्र मा सबो समान हावय बलात्कारी मन के सजा कुरसी अउ कालाधन हावय बरगंडा बर तरसत रइथन हामन उनकर करा पूरा चंदन बन हावय 2:- रूकावट रूकावट बर खेद हावय इ रूकावट मा […]

अनुवाद

अनुवाद : टँगिया (The Axe)

मूल कहानी: The Axe कथाकार: R. K. Narayan अनुवादक : कुबेर गाँव डहर ले नहकत खानी एक झन भटरी ह बचपन म वेलन के बारे म भविसवानी करे रिहिस कि ये ह एक दिन कई एक्कड़ के बगीचा के बीच म बने तिमंजिला मकान म रही। तब ये बात ऊपर छोटकुन वेलन के चारों मुड़ा […]

अनुवाद

अनुवाद : आशा के किरण (The Silver Lining)

मूल कहानी: The Silver Lining कथाकार : Chaman Nahal अनुवादक : कुबेर मनखे के मन के भाव के थाह लगा पाना अउ अनुमान लगा पाना बड़ा कठिन काम होथे। सदा हाँसत- मुस्कात रहने वाला, हरियर मन वाले आदमी के हिरदे भीतर भारी दुख हो सकथे, जेकर कीरा ह भीतरे-भीतरे वोला खावत रहिथे अउ जबकि मनहूस, […]

अनुवाद

अनुवाद : पतंगसाज (The Kite Maker)

मूल कहानी: The Kite Maker कथाकार: RUSKIN BOND (रस्किन बांड) अनुवादक – कुबेर एक बहुत जुन्ना मस्जिद, जउन ह खण्डहर हो गे रिहिस, नमाजी मन जिहाँ नमाज पढ़ना छोड़ देय रिहिन हे, के दीवाल के दर्रा म एक ठन बर रूख जाम गे रिहिस। ये गली म, जउन ह गली राम नाथ के नाम से […]

व्यंग्य

मोला नेता बना देते भोले बाबा

घर म दुए झिन महतारी बेटा राहय। बेटा के नांव तो रिहिस बोधराम फेर जादा अक्कल-बुद्धि नइ फइलात रिहिस। पढ़ई-लिखई घलो ठिकाना नइ परिस। बर-बिहाव लगइया सगा मन पूछे, का करथे तोर बाबू ह तेखर जवाब देना मुसकुल हो जाय ओखर महतारी ल। भुंइया गरू रिहिस बोधराम ह। दिन भर लठंग-लठंग किजरय अउ खाय के […]

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छत्‍तीसगढ़ी शब्‍द के हिन्‍दी अर्थ और प्रयोग

पिछले दिनों कुछ शब्‍दों पर आपस में बातें होती रहीं- अखरा कोतल बाहुक गेदुर अगवारिन फाता डमरुआ देवारी लमना अरमपपई फुंडहर सिलयारी तिरही