कविता

ओनहारी-सियारी

हरुना धान लुवागे संगी
अब ओनहारी घलो उतेरबोन
कन्हार माटी चिक्कट चिक्कट
ओनहारी बर बिजहा खोजबोन

लाख लाखड़ी जिल्लो बिजहा
ओनहारी सियारी उपजाबोन
धान-पान घलो लुवा टोरागे
हांक दुन नांगर जोतबोन

पाग आय उतेरा के
हरिया हरिया बोबोन
अरसी मसुर चना बटर
कोढ़ियाके कोढ़ा देबोन

खातु कचरा दवा दवई
बने पेढ़ाय बर छितबोन
कियारी बनाके नाली रेंगाके
नहर पानी ल पलोबोन!!

मयारुक छत्तीसगढ़िया
सोनु नेताम “माया”
रुद्री नवागांव धमतरी
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