कविता

अंगरेजी नवा साल!!

हाडा ह कांपत हे अउ चटकत हे गाल!
तभो ले मनाबो हम अंगरेजी नवा साल!!
दारू मंद के पारटी होही अउ कुकरा ह हलाल
तभो ले मनाबो हम अंगरेजी नवा साल!!
तइहा के बात ल बइहा लेगे
नवा रंग ढंग हे नवा चाल
तभो ले मनाबो हम अंगरेजी नवा साल!!
किसान बूडे करजा म अउ जनता हे बेहाल!
तभो ले मनाबो हम अंगरेजी नवा साल!!
भरस्टाचारी मउज करत हे अउ देस के होगे बारा हाल!
तभो ले मनाबो हम अंगरेजी नवा साल!!

रीझे यादव
टेंगनाबासा (छुरा)
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