महाकाव्‍य

श्री राम कथा (संक्षिप्‍त) पारवती के तपइसा

रानी मयना रहंय अकेल्ला, एक दिन अइसन मउका पाके। दाई के कोरा मा बइठिस, पारवती अंगना ले आके।।1।। देखिस पारवती ला रानी, चूमिस मुंह ला बड़ दुलार कर। लेइस छाती मा रपोट, अरझे माला के सुधार लर।।2।। देख देख सुकमार देह ला, बेटी के रानी दुख पाइस। सुरता करके गोठ मुनी के, आंखी मा आंसू […]

महाकाव्‍य

श्री राम कथा (संक्षिप्त) सती मरन

मइके पहुंचिन सती नहीं कउनो गोठियाइन, देख देख बहिनी मन भी मुच ले मुसकाइन, दाई भर हा हली भली पूछिस दुख पाके, हाथ गोड़ धोयें बर पानी देइन लाके।।1।। मुसकावत लख बहिनी मन ला सती लजागे, संकर जी के कहे गोठ के सुरता आगे। देख अपनल अपमान बान छाती मा लागिस, मया मोह के अंधियानी […]

महाकाव्‍य

श्री राम कथा (संक्षिप्त) सती मोह

हे गनेस भगवान तोर मैं ध्यान धरत हंव, पारबती के लाल सरन आ पांव परत हंव। नाव लिये ले प्रथम काम सब होथें पूरा, बिना दया रह जाथे सामी काम अधूरा।।1।। ‘नाथ’ दास आये हे अब तो राख सरन मा, बट्टा आये देहा झिन भगवान परन मा। अपने भाखा मा लिक्खें के साहस करिहंव, राम […]

महाकाव्‍य

श्री राम कथा (संक्षिप्त) मंगला चरण

राम तुंहर हे काव्यमयी सुचि चरित धरा मा, पति बरता के अमरित कलसा सिय अँचरा मा। बहिस जहां ले कतक काव्य के सुरसरि धारा, नवा सोत नित निकलत रइथे न्यारा न्यारा ।।1।। महूं राम-सीता के बारंबार चरन धर, अपन आखरी जीवन के सब ला अरपन कर। काव्यमयी गंगा मा अब अवगाहन करिहंव, मन के आखिर […]

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लोक परब छेरछेरा : समाजिक समरसता के तिहार

जिनगी मा दान दक्छिना के घातेच महत्तम हावय, असल सुख-सान्ती दान पुन मा समाय हावय। हमर देश अउ धरम मा दान अउ तियाग के सुग्घर परमपरा चले आवत हे, भले वो परमपरा मन के नाँव अलग-अलग रहय फेर असल भाव एकेच होथे- दान अउ पुन। अइसने एकठन दान पुन करे के सबले बङ़े लोक परब […]

गोठ बात

दान-पुन के महापरब-छेरछेरा

मया-पिरीत के भूंइया छत्तीसगढ़,सेवा सद्भाव के मीठ अमृत छत्तीसगढ़,सोझ,सहज,सरलता के भूंइया छत्तीसगढ़,जिहां सिरजन,संस्कार,समरसता के बोहवत हे गंगा धार। इही निरमल धारा म हमर छत्तीसगढ़ के लोक परब अउ तिहार मन सिरजे हावय। हमर परब अउ तिहार मन खेती संस्कृति ले जुड़े हावय जउन ह मनखे ल मनखे संग जोर के कारज करथे। मनखे के हिरदे […]

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मुक्का उपास

माघ महीना के अमावसिया ला मौनी अमावसिया कहे जाथे। एहा एक परब बरोबर होथे एखरे सेती एला मुक्का उपास के परब कहीथे। ए दिन ए परब के बरत करइया मन ला कलेचुप रहीके अपन साधना ला पूरन करना चाही। मुनि सब्द ले मौनी सब्द हा बने हावय। एखर सेती ए बरत मा कलेचुप मउन धारन […]

गोठ बात

छेरछेरा के तिहार – लइका मन पारत गोहार

हमर भारत देश में पूजा पाठ अऊ दान के बहुत महत्व हे। दान करे बर जाति अऊ धरम नइ लागय। हमर भारतीय संसकिरती में हिन्दू, मुसलिम, सिख, ईसाई, जैन सबो धरम के आदमी मन दान धरम करथे अऊ पून कमाथे। हमर वेद पुरान अऊ सबो धरम के गरन्थ में दान के महिमा ल बताय गेहे। हमर छत्तीसगढ़ […]

गोठ बात

तिल सकरायत

मकर संकरान्ति ला छत्तीसगढ़ मा तिल सकरायत तिहार के नाँव ले जाने अउ मनाय जाथे। अइसने एला तमिलनाडु मा पोंगल,आंध्रप्रदेश कर्नाटक मा संकरान्ति, पंजाब मा लोहिङ़ी अउ उत्तरप्रदेश मा खिचङ़ी परब के रुप मा मनाथे। सुरुज नरायन के मकर राशि मा जवई हा मकर संकरान्ति कहाथे। ए दिन सुरुज देव हा उत्तरायन हो जाथे। बेद-पुरान के हिसाब मा उत्तरायन ला […]

गोठ बात

दान के महा परब छेरछेरा

ये संसार म भुइंया के भगवान के पूजा अगर होथे त वो देस हाबय भारत। जहां भुइंया ल महतारी अऊ किसान ल ओखर लईका कहे जाथे। ये संसार म अन्न के पूरती करईया अन्नदाता किसान हे। हमर छत्तीसगढ़ ल धान के कटोरा कहे जाथे। हमर सभ्यता, संसकिरीति म तिहार के बड़ महत्तम हाबय। हमर सभ्यता […]