गोठ बात

बाबा के सात सिद्धांत अउ सतनाम मनइया

हमर छत्तीसगढ़ के भूइंया हा पबरित अउ महान हे जेमा बड़े बड़े ग्यानिक अउ बिद्वान मन जनम धरीन।जौन देस अउ समाज ल नवा रद्दा बताइन।छत्तीसगढ़ बीर मन के भुइंया हरे फेर इही भुइंया मा गहिरागुरु, स्वामी आत्मानंद जइसन समाज सुधरइया अउ रद्दा बतइया मन जनम धरीन। इही मा एक नाव गुरु बाबाघासीदास घलो हे। जौन […]

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गुरू बबा के गियान ला गुनव

हमर छत्तीसगढ मा दिसंबर के महीना मा हमर गुरू घाँसी दास बबा के जनम जयंती ला बङ सरद्धा अउ बिसवास ले मनाथें। गुरु बबा के परति आसथा अउ आदर देखाय के सबले सुग्घर,सरल उदिम हरय जघा-जघा जयंती मनाना। उछाह के संग भकती के मिलाप ले जयंती हा अब्बङ पबरित जीनिस बन जाथे। जयंती के तियारी […]

गोठ बात

सुनय सबके, करय अपन मन के : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! सुनय सबके अउ करय अपन मन के रे। फेर संगवारी हो हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। हमन ला भगवान हर मुंह एक ठन अउ कान दू ठन देहे हावय काबर कि हमन सुने […]

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किसान के पीरा

आज के दिन बादर ह मोला समझ म नइ आवय। एक डाहर राज्य सरकार मन ह किसान मन के करजा ल माफ करेबर परियास करथे, उहचे दूसर डाहर केन्द्र म बइठे नेता मन ह उही करजा के हाँसी उड़ाथे कि एहा आज काली फेशन बनगे हवै। इहाँ किसान मन ह करजा के मारे लदाके अपन […]

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पण्डवानी शैली के लोकप्रिय कबीर भजन गायिका : त्रिवेणी साहू

पण्डवानी के नाम सुनते साठ हमर आँखी के आघू म पाँचो पाण्डव के कथा चलचित्र सरिक चले लागथे । पण्डवानी मा अब तक आप पाण्डव/महाभारत के ही कथा सुने होहू फेर अब पण्डवानी शैली म कबीर के जीवन दर्शन भी गाये जावत हे अउ श्रोता मन ओतके आनन्दित होके सुनत भी हवय। पण्डवानी शैली म […]

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मड़ई मेला

हमर छत्तीसगढ़ माटी के एकठन प्रमुख परब (तिहार) मड़ई मेला हर आय। मड़ई के नाव लेत्तेच म मन मा उत्साह अउ उमंग भर जथे। ए तिहार ला हमर राउत भैया मन बड़ धूम धाम से मनाथे। मड़ई मेला देवारी ले लेके महाशिवरात्रि परब तक चलथे। मड़ई मेला के आयोजन राउत भैया अऊ पूरा गाँव भरके […]

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छत्तीसगढ़ी दिवस 28 नवम्बर विशेष

हिंदी हिंदुस्तान के अउ छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ के सान आय एक दसक बीत गईस फेर महतारी भाखा हमर 8 वीं अनुसूची म सामिल नैइ हो पाईस छत्तीसगढ़ राज बने 17 बछर होगे। नवम्बर महीना ह छत्तीसगढ़ के परब आय। नवम्बर महीना ह छत्तीसगढ़ीहा मन बर दसहरा, दिवाली अउ होली के परब ल कम नोहे। 1 नवम्बर […]

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कला ले खिलवाड़

संगवारी हो, हमर हरियर पतित पावन भुइया छतीसगढ़ हवय।महतारी के मयारू कोरा म हमर कला अउ संसकिरीति के पालन पोषण होवत हवय। धान के कटोरा हमर छत्तीसगढ़ के कला अउ संसकिरीति के दुरिहा दुरिहा म पहिचान हवय। कहे जाथे की हमर छतीसगढ़ के संसकिरीति ह पूरा भारत देश म सबले जादा धनवान संस्कृति हवय। हरियर […]

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छत्तीसगढ़िया कहां गंवागे

कभू-कभू मोर मन मं, ये सुरता आवत हे। इडली-दोसा ह संगी, सबो झन ल मिठावत हे। चिला-फरा ह काबर, कोनो ल नइ भावत हे। छत्तीसगढ़ी बियंजन ह, छत्तीसगढ़ मं नंदावत हे। दूसर के रंग मं संगी, खुद ल रंगावत हे। बासी-चटनी बोजइया, पुलाव ल पकावत हे। पताल के झोझो नंदागे, मटर-पनीर सुहावत हे। छत्तीसगढ़ी बियंजन […]

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बरी-बिजौरी मा लुकाय बिग्यान

हमर संस्कृति हा हजारों बछर मा थोक-थोक करके पनपे हवय, ते पाय के जम्मों चीज मा काहीं ना काहीं गूढ़ बात नइते बिग्यान लुकाय रथे, जेनहा सोजहे मा नइ समझ आवय। अब हमर खान-पान ला देख लव, कते मऊसम मा का खाना हे का बनाना हे अउ ओखर हमर तन मन धन अउ समाज मा […]