फिलमी गोठ

राजा छत्तीसगढ़िया 2 म हवय आज के कहानी

फिलिम के कहानी म एक परदेसिया अपन परिवार सहित छत्तीसगढ़ म आथे, इंहा आके छत्तीसगढ़िया किसान मेर गिड़गिड़ाथे नौकरी के भीख मांगथे। छत्तीसगढ़िया किसान ओकर दुःख ल देखे नई सकय, काबर कि छत्तीसगढ़िया मन सिधवा, भोला अउ दयालू रहिथेंं। ओ किसान ओ परदेसिया ल अपन घर म राख लेथे। धीरे-धीरे ओ परदेशिया ह पूरा गांव […]

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जयंत साहू के गोठ बात : फिल्म सिनेमा एवार्ड बोहागे धारे-धार

छत्तीसगढ़ी सिनेमा म घलो अब पराबेट संस्था समूह डहर ले इनाम बांटे के प्रचलन सुरू होगे। बिते बखत पेपर म पढ़े बर मिलीस की छत्तीसगढ़ी सिने एवार्ड दे जाही। कोन कोन ह सम्मान के हकदार होही तेकर चुनई करे बर जुरी बने हे। जुरी म चुरी पहिनईया मन नही बल्कि पढ़े लिखे कलमकार मन हाबे। […]

फिलमी गोठ

मितान के मया देखे बर उमड़िस भीड़

‘मितान’ परंपरा ला अपन छत्तीसगढ़ी फिलिम ‘मितान 420’ मा संघारत फिलिम बनाए हे। ओखर बाते अलग हे। पहिली च दिन सिनेमा ला देखे बर अतका भीड़ उमिड़स कि देखइया-सुनइया के संग फिलिम के कलाकार, गीतकार, संगीतकार, अउ जम्मो छत्तीसगढ़ी सिनेमा ले जुड़े लोगन गदगद होगे। फिलिम के मनभावन गीत घलो चर्चा मा हे। जेमा से […]

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फिल्मी गोठ : छत्तीसगढ़ी फिलीम म बाल कलाकार

एक-एक ईंटा, एक-एक पथरा, रेती-सीमेंट अउ बड़ अकन मकान बनाए के जीनीस ले मिस्री ह एक सुग्घर मकान, भवन, महल के निर्माण करथे। ठीक वइसने एक फिलीम के निरमान म नान-नान जीनीस अउ कई झन व्यक्ति के सहयोग ले होथे। फिलीम म बाल कलाकर मन के भूमिका ल घलो छोड़े नई जा सकय। चाहे वो फिलीम […]

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फिल्मी गोठ: फिलमी लेखक अउ पारिश्रमिक 8 नव

छत्तीसगढ़ के फिलीम उद्योग म पटकथा अउ पटकथा लेखक मन बर उदासीनता दिखाई देथे। मानदेय के कमी या फेर फोकट म पटकथा लेना लेखक मन ल निरास कर दे हावय। बने लेखक अउ बने पटकथा के कमी के कारन इही आय। बने मानदेय के घोसना होय ले पटकथा पटा जही और छालीवुड म फिलीम के […]

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फिल्मी गोठ : छत्तीसगढ़ी फिलीम म बाल कलाकार

एक-एक ईंटा, एक-एक पथरा, रेती-सीमेंट अउ बड़ अकन मकान बनाए के जीनीस ले मिस्री ह एक सुग्घर मकान, भवन, महल के निर्माण करथे। ठीक वइसने एक फिलीम के निरमान म नान-नान जीनीस अउ कई झन व्यक्ति के सहयोग ले होथे। फिलीम म बाल कलाकर मन के भूमिका ल घलो छोड़े नई जा सकय। चाहे वो […]

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फिल्मी गोठ : फिलीम अउ साहित्य

को नों भी सुग्घर अउ महान फिलीम म या कहन कि जनप्रिय अउ मनप्रिय फिलीम म साहित्य के इसथान कहूं न कहूं जरूर रहिथे अउ कोनो फिलीम म साहित्य हे त निश्चित रूप ले वो महान कृति बन जाथे। हम बालीवुड के गोठ करन तब तो अइसन बड़ अकन फिलीम हा जुबान म आ जाथे, […]

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फिल्मी गोठ : झन मारव गुलेल

ये बछर ह छत्तीसगढ़ राज बने के दसवां बछर आय। फेर ये दस बछर ह छत्तीसगढ़ी फिलिम के माध्यम ले छत्तीसगढ़िया मन के दस किसम के गति कर डारे हे। निश्चित रूप ले अइसन दृश्य ले बाहिर निकले के जरूरत हे। हम ये बात ल ठउका जानथन के बरसा के पानी ह तुरते उपयोग के […]

फिलमी गोठ

अश्लीलता के सामूहिक विरोध जरूरी हे

फिलमी गोठ आधा-आधा कपड़ा पहिरे टुरी मन के दृश्य के बहिष्कार होना चाही। अभी एखर बर कुछु नई करेन त ये मान लन कि ये बाढ़ हा हम सब ला बोहा के ले जाही। हमर मन बर बताए अउ देखाए बर कुछ नई रहहि, ऊटपटांग लिखना फिलिम के कहानी म मौलिकता के अभाव दिखना, दृस्य […]

फिलमी गोठ

फिलिम बनाबो फिलीम बनाबो

ये फिलिम वाले मन के चरित्तर हा अब तो छत्तीसगढ़िया मन के समझ ले बाहिर हे। काबर कि जउन फिलिम उद्योग म तरी ऊपर फिलिम ह बनत हे तउन ला देखे के बाद आम दरसक माने छत्तीसगढ़िया मन ला छत्तीसगढ़ी के सुवाद हा नई मिल पवत हे। जम्मो फिलिम हा बालीवुड ला कापी ऊपर कापी […]