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छन्द के छ : एम.ए.छत्तीसगढी के पाठ्यक्रम मा जोडे जाना चाही

निगम जी के “छन्द के छ’ पढे बर मिलीस। पिंगल शास्त्र के जानकारी देवइया किताब ल महतारी भाखा म पढ के मन आल्हादित होगे। आज के लिखइया मन छन्द के नाम ल सुन के भागथे अइसन बेरा म छत्तीसगढी साहित्य ला पोठ करे खातिर निगम जी पोठ काम करे हवय। छन्द ला समझाये खातिर निगम […]

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गांव के संस्‍कृति के धरोहर : ओरिया के छांव

“ओरिया के छांव” के मनीराम साहू “मितान” के पहिली छत्तीसगढी कृति आय। छत्तीसगढ के गॉंव-गँवई ल जेन जानना चाहथे उनला ये किताब जरूर पढना चाही। सावन, भादो, जेठ,अषाढ़, घाम, जाड जम्मो मास के सौंदर्य के बरनन मितान जी ये संघरा म करे हवय। कोन महिना म छत्तीसगढ़ के किसान का काम करथे, कोन से तिहार […]

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पुस्तक समीक्षा : अंतस म माता मिनी

छत्तीसगढ म जतका महान विभूति अवतरित होईन ओमा मिनी माता के प्रमुख स्थान हवय। माता मिनी न केवल कुशल राजनेता रहिन बल्कि बहुत बडे समाज सुधारक, गुरूमाता अउ दूरदृष्टा भी रहिन। एक विभूति के भीतर अतका अकन सद्गुण के समावेश ये बात के परिचायक हवय कि माता मिनी छत्तीसगढ म परिवर्तन लाये खातिर अवतरित होय […]

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पुस्तक समीक्षा : चकमक चिंगारी भरे

दोहा हिन्दी साहित्य के जुन्ना विधा आय। भक्तिकाल में कबीर, सूर, तुलसी, रसखान, रहीम आदि कवि मन दोहा के माध्यम ले जन जागरण के काम करिन। बिहारी तो सतसई लिख के अमर होगिन, बिहारी के सतसई परंपरा ल छत्तीसगढी म आगू बढाय के काम श्री बुधराम यादव जी अपन दोहा सतसई “चकमक चिंगारी भरे” म […]

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रायपुर : प्रादेशिक सेना के पैदल वाहिनी (153 इन्फैट्री बटालियन) के भर्ती रैली 08 ले 14 फरवरी तक

रायपुर। 153 इन्फैंट्री बटालियन पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) डोगरा मं भर्ती के आयोजन 08 फरवरी ले 14 फरवरी 2017 तक नवा रायपुर (छत्तीसगढ) मं आयोजित करे जाही। राज्य के इच्छुक अभ्यर्थि मन ल, 08 अउर 09 फरवरी 2017 को अपन जम्मो कागद मन के संग नवा रायपुर के राज्योत्सव स्थल म शारिरिक मापदण्ड, मेडिकल परिक्षण […]

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समीक्छा : दोहा के रंग

साहित्य के छंद के अपन अलगे महत्ता हवय। छंद ह साधना के विसय आय, बेरा-बेरा म छत्तीसगढ़ी म छंद लेन के काम होवत रहे हे, फेर आज के नवा पीढ़ी ह छंद के नाव ले सुनके भागथे। अइसन बेरा म रमेेश चौहान के दोहा गीत संगरा- दोहा के रंग के परकासन ये बात द्योतक हे […]

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उस्ताद अमजद अली खां, श्रीमती तीजन बाई, शेखर सेन अउ भारती बन्धु ल मानद डी.लिट् के उपाधी

इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह म शामिल होईस मुख्यमंत्री  23 दिसम्बर 2016। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज खैरागढ़ के कला संगीत विश्वविद्यालय के चौदहंवा दीक्षांत समारोह म संघरिन। उमन विश्वविद्यालय कोति ले प्रसिद्ध सरोद वादक पद्मविभूषण उस्ताद अमजद अली खां, प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मभूषण श्रीमती तीजन बाई, प्रसिद्ध संगीतकार पद्मश्री शेखर सेन […]

समीच्‍छा हिन्‍दी

छत्तीसगढ़ी साहित्य में काव्य शिल्प-छंद

– रमेशकुमार सिंह चौहान छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ प्रांत की मातृभाषा एवं राज भाषा है । श्री प्यारेलाल गुप्त के अनुसार ‘‘छत्तीसगढ़ी भाषा अर्धभागधी की दुहिता एवं अवधी की सहोदरा है।’’1 लगभग एक हजार वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ी साहित्य का सृजन परम्परा का प्रारम्भ हो चुका था। अतीत में छत्तीसगढ़ी साहित्य सृजन की रेखायें स्पष्ट नहीं हैं । सृजन […]

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नंदाजाही का रे कमरा अउ खुमरी

  मीर अली मीर जी छग के लोकप्रिय गीतकार आय। उंकर गीत संघरा नंदा जाही का? कमरा अउ खुमरी…। मिलिस। नंदा जाही का… उंकर प्रतिनिधि अउ कालजयी रचना आय। इही गीत ह उंकर संघरा के शीर्षक आय जउन फिट बईठथे। कुल 58 गीत ए संघरा म संग्रहित हवय। जमो गीत ह अपन अलग-अलग रंग म […]

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सुजान कवि के सुजानिक छन्द कविता : छन्द के छ

छत्तीसगढ़ी के परथम समरथ कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा के बाद कवि श्री कोदूराम दलित तक छन्द म लिखइया पोठ साधक कवि रहिन. उंकर छन्द म लिखे छत्तीसगढ़ी कविता म जीवन के संदेस समाए हे कवि श्री कपिल नाथ कश्यप जी दोहा चौपाई के भरपूर उपयोग करे हें. दूसर जतका छन्द के समझ वाले छत्तीसगढ़ी […]