कहानी

लघु कथा : पितर नेवता

आवव पितर हो आज तुंहर बर बरा सोंहारी तसमई बने हे, का होइस पहिली तुमन ला खाय बर नइ मिलिस त आज खा लेवव। जीयत के दुःख ला भुला जावव वो समे के बात अलगे रिहिस, दाई ददा हो जवानी म तुंहर बहु के मूड़ तुमन ला देखत पिरावय अउ तियासी बासी अउ चार दिन […]