नाटक

समारू कका आई पी एल मैच के दिवाना

समारू कका – हालो…हालो…. महराज- हलो…कौन? समारू कका – या मोला भाखा ल नई ओरखत हस का महराज, मय समारू बोलत हवं गांव ले. महराज – समारू कका जय जोहार. समारू कका- जय जोहार महराज. महराज – अब्बड़ दिन म फोन करे समारू कका. समारू कका – हव महराज मोबईल के बच्चादानी म सूजन आगे […]

कविता

ननपन के सुरता : बाल भारती

स्‍कूल खुले के दिन एक जुलाई अउ तईहा के दिदन के बाल भारती के सुरता। जब  राहुल भईया ह अपन ब्‍लॉग सिंहावलोकन म ए बाबत छापिस त मेकराजाला के हमर भाखा बोलईया जम्‍मो संगवारी के मन भंवरा नाचें लागिस। राहुल भईया के बाल भारती ला पढ़ के, अपन ननपन के पढ़ई के बीते दिन ला […]

कविता

बात सुनव छत्तीसगढ़ के, बन औषधि के जड़ के

बात सुनव छत्तीसगढ़ के बन औषधी के जड़ के  ‘बसदेवा धुन’ कबि – हेमंत वैष्‍णव, संपादक बालगुडी छत्‍तीसगढ़  बात सुनव छत्तीसगढ़ के बन औषधि के जड़ के             बात सुनव 1. जड़ कांदा फल फूल अउ डार    बीज छाल अउ पाना म उपचार     बात सुनव    औषधि […]