कविता

नवा बछर के नवा उमंग

नवा बछर के नवा उमंग नवा नवा संगी के संग नवा हवा के नवा असर आ गे हे नवा बछर नवा बछर मा संगी जम्मो खुशी ला आज मनावा हलुवा पुरी बोबरा रोटी घर मा आज बनावा पाछू बछर हमन काबर रहेन अशांत एक बछर चल दिहीस चल दिहीस एकांत पीला मटमैला रंग के फुले […]

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दिन आ गे धान मिसाइ के

दिन आ गे धान मिसाइ के दौरी बेलन नंदा गे हार्वेस्टर टेक्टर फंदा गे चल दिहिस दिन सवनाई के दिन आ गे धान मिसाइ के डोकरा धरे हे पनपुरवा डोकरी फटकारे चिंगरी सुरवा नई हे माटी ममहाइ के दिन आ गे धान मिसाइ के धान ला भर लौ कोठी मा बइला हकालव लौठी मा पाना […]

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शिक्षाकर्मी के पीरा

महिमा गुरू के हावय महान काबर हमन हन अनजान जाड मा संगी झन खावा खीरा कोन समझ हि शिक्षाकर्मी के पीरा एहा जम्मो बुता करे बुता करके बिमार परे नई करय कोनो काम अधुरा कोन समझ हि शिक्षाकर्मी के पीरा आगे चुनाव अउ जनगणना एखर होगे अब तो मरना आदेश ला एहा पुरा करहि ततो […]

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जाड़ हा जनावत हे

बिहनिया ले डोकरा बबा कुडकुडावत हे चिरइ चिरगुन पंख फड़फडावत हे बडे बिहनिया झन उठीहा संगी अब के जाड़ हा जनावत हे दाई हा पनपुरवा बनावत हे ददा मंद मंद मुचमुचावत हे एति तेति झन गिंजरिहा संगी अब के जाड़ हा जनावत हे डोकरा बबा बिडी सुलगावत हे डोकरी सरसों तेल कडकावत हे आगी के […]

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दीवाली तिहार

दीवाली के तिहार हे करा जी साफ सफाई सुंदर हे तन मन हमर मिलके खुषी मनाई लइका खेलत हे घर मा दीया आवा जलाई रंग बिरंगा रंगोली ला मिलके आज बनाई लक्ष्मी जी के पूजा करा दुख के होही बिदाई दुब फुल ला अर्पण करके जम्मो झन खावा मिठाई सुंदर सुंदर कपडा पहिरा थाली आवा […]

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फांदा मा परगे किसानी

फांदा मा परगे किसानी नुन मिरचा अउ बासी भात सुते नई हंव कतको रात खेती नई हे बहुत असानी फांदा मा परगे किसानी रगड के हमन बुता करेन बुता करके बिमार परेन ए बछर काबर बरसत नई हे पानी फांदा मा परगे किसानी कोन समझ ही पीरा ला कइसे भगई धान के कीरा ला हमर […]

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जगमग जगमग दिप जलत हे

जगमग जगमग दिप जलत हे मां के दरस मा प्यारे देखा खाली पांव अब भगत चलत हे पुजा आरती मां दुर्गा के जगह जगह पंडाल सजत हे भगत आज लगा लौ नारा पिरा हमर मिट जाही पुरा ईर्ष्या द्वेष काबर मन मा पले हे जगमग जगमग दिप जले हे रंग बिरंगा कपडा देखा मां के […]

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गणपति विराजे

सबके मन आज रमे हे भगतन के तांता लगे हे कानन कुंडल मुकुट मा साजे जय जय जय गणपति विराजे एति तेति पंडाल सजे हे बिहनिया संझा शंख बजे हे बाजत हावय गाजा बाजा पुजा पाठ जम्मो करबो आजा भगत जमके जयकार लगावा मुख ले फेर चित्कार लगावा षिव शंकर के डमरू बाजे जय जय […]

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तीजा

पति के लंबा उमर हो चाहे कोनो डहर हो खालव चाहे बर्गर पीजा एक बार रख लौ जी तीजा घरो घर गणपति विराजे फुल फुलवारी सारंग श्वर बाजे नई मिले चाहे तोला विजा एक बार रख लौ जी तीजा सखि सहेली नाचा गावा पुजा के थाली ला लावा दुब फुल हावय ताजा ताजा एक बार […]

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काबर सूना हावय कलाई

भैया तैं मां के सेवा करथस दिन अउ रात मन मा लुका रखे हंव मैं हा कोनो भी हो बात कछु भी नई कहस तैं हर कतको हो आघात खुष रइबे मां के सेवा में चाहे कठिन होवय हालात हम सबके रक्षा में भाइ्र्र सुना हावय कलाई अमन शांति होवय जग मा झन होवय लडाई […]