कविता

मया के चंदा

देख सुघ्घर रूप मा, मोर मन हा मोहागे, तोरेच पिरित मा धारे-धारे मा बोहागे। सुरता हाबे मेढ़ पार के, चटनी अऊ बासी, भाड़ी मा चघके देखना, मुस्मुसाती हांसी, सुरता मा तोर, जुक्खा जीव हरियागे। काली आहूं कहिके, दगा में डारे, तरिया पार मा देख, हाभा कइसे मारे, मिलवना के क्रिया ला, तै कइसे भुलागे॥ बिसरना […]

कविता

तीजा तिहार म

सुनो बहिनी, सुनव दीदी, नवां जमाना के विचार मा। धरती दाई ला सजाबोन ऐसों के तीजा-तिहार मा॥ हरियर लुगरा के संगे-संग, दाई के अचरा ला हरियाबो। रुख-रई नवां-नवां हम लगाबोन सबो खेत-खार मा॥ जड़ी-बूटी बन अऊ तुलसा रतनजोत खेत के सियार मा। डीजल, तेल घलो मिलय अब पम्प, ट्रेक्टर अऊ कार मा॥ कोनहो झन राहय […]

व्यंग्य

तीजा नई जावंव

बड़े मौसी काबर नई आय हे ओ दाई। ओखर छोटे नोनी के नोनी-बाबू अवइया हे का? अउ छोटे मोसी ह घलो नइ आय हे का दाई? ह हो ओखर सास ह पटऊहां ले गीर गे हे अउ ओखर बाखा पकती मन दरक गे हे। बपरी हर सास महतारी के सेवा मा, ऐसो के तीजा तिहार […]

व्यंग्य

मोबाईल मास्टरिन

मास्‍टर क‍हे के मतलब, मास्‍टर माइंड नो हे, फेर आजकल तो कलजुगी इस्‍टाईल के गुरू हर, अपन ला चाल्‍स सोभराज ले कोन्‍हों कम नई मानय । फोकट चंद अउ घिस ले चंदन, ऐमन ला पोगा पंडित अउ भकला महराज के उपाधि ले घलो नवाज अउ जाने जाथय । फेसन के चिखला सहर, महानगर भर मा […]

व्यंग्य

भईसा गाड़ा के चलान

संगवारी हो चलान सबद सुन के कतकोन मनखे मन के जीव हर कांपे लागथे। फेर वाह रे, आर.टी.ओ. ऑफिस (रोगहा टेसिहा ऑफिस) तोर तो न शुरु, न अन्त हे, तोर महिमा बड़ अनन्त हे। नानपन ले बडक़ापन अऊ सरी उम्मर मोटर, फटफटी चलावत आत हन, फेर कोनहो टिरेफिक के सादा झबरू टामी मन, आज ले […]

कविता

मेला मडई

हाट बजार अउ मेला मडई मा, नोनी थोरको नइ पदोय खई-खजानी अउ फुग्‍गा ले बर, फकत कहिथय ददा गा नानूक ठेकली लेबो पइसा सकेले बर ! !! !!! राजा राम रसिक रसिक वाटिका, फेस 3, वी.आई.पी.नगर, रिसाली, भिलाई. मो. 09329364014