गोठ बात

बिसवास अउ आसथा के केन्द्र – दाई भवानी , विन्दवासिनी अउ बाबा बन्छोरदेव

इहां होथय सब के मनोकामना पूरन लोकमत हे कि जुन्ना करेला गांव के ” डोंगरी ” म दाई भवानी आदिकाल ले बिराजमान हवै। पर एक ठन कहिनी घलोक बताये जाथे – गाँव पटेल महेन्द्रपाल सिंग के परदादा उमेंदसिंग कंवर गांव के मालगुजार रिहीन। उन हर जेठ के महीना म गांव के कुछ लोगन संग परछी […]

कहानी

देखावा

अकरसहा पानी गिरे लगिस। रामधन फिकर- मगन होगे। ओला समझ नई आवत रिहीस के अब का करे? जेन बइला गाड़ी म ओ बइठे रिहीस ओमा चाउर भराय रहय। ओहर फंसे ओ जघा रिहीस जिहां दुरिहा – दुरिहा ले कोन्हों गांव दिखत नई रिहीस। कोन्हों गांव के तीर म फंसे रिहीतिस त ऊंहा थिरवाव कर सकत […]

कहानी

मनहरन भइया

खेत के मेढ़ म पांव धरते ही मनहरण के गुस्सा सातवां आसमान म चढ़गे। खेत के धान फसल उनला बैरी जइसन लगे लगीस। खेत म जिहां – जिहां ओकर नजर दउड़िस, ओकर गुस्सा बाढ़ते गीस। ओहर बखुलागे – सब ल जला देहूं। साले मोला बिजरावत हवै। सच म कहे जाय त मनहरन ये सब्द गुस्सा […]

कहानी

नियाव के जीत

– बात – बात म लड़े बर तियार, अरे हमला का करना हे ? परदेशिया मंगलू के बारी ल टोरे के कोठार म कब्जा करे। गुणवंती के ताना ल सुन के सुमेर तरमरागे। किहिस – तुम्हरे मन के अइसनेच सोच – बिचार हमला जिंहा के तिंहा ठाढ़े रखे हवै। परदेश ले आथे अउ जम्मों गाँव […]

जीवन परिचय

लेखक परिचय : सुरेश सर्वेद

सुरेश सर्वेद जन्म – 07- 02 – 1966 ( सात फरवरी उन्नीस सौ छैंसठ ) पिता – श्री नूतन प्रसाद शर्मा माता – श्रीमती हीरा शर्मा पत्नी – श्रीमती माया शर्मा जन्म स्थान – भंडारपुर ( करेला ), पोष्ट – ढारा व्हाया – डोंगरगढ़, जिला – राजनांदगांव छत्तीसगढ़ वर्तमान पता – सांई मंदिर के पीछे, […]

कहानी

गउ हतिया

ननकी कभू सोचे नई रिहीस के ओकर ऊपर अतका बड़े जान पाप थोप दे जाही। अंधियार कोठा म बइठे रिहीस ओहा। कोठा के अंधियारा ले जादा ओला अपन अंतस म अंधियार लगत रिहीस हे। ये अंधियारा ओला लीलत रिहीस। ओकर मन म विचार उठत रिहीस – का सेवा के आइसने परिनाम निकलथे ? का ओहर […]

कहानी

छन्नू अउ मन्नू

श्रीकांत ल नवा बइला लेना रिहिस। ओहर आमगांव के बजार गिस। उहां बइला बजार म श्रीकांत बइला मन ल देखन – परखन लगिस। ओला निमेष के दावन म बंधाये बइला जोड़ी भा गे। बइला ब्यापारी निमेष बइला जोड़ी के कीमत बीस हजार बताइस। कहिस – ये मन ल लेके तो देख। अइसन बइला जोड़ी दीया […]

कहानी

बनकैना

समारू हा कालू ल घर म बला लाइस। खुसुर – पुसुर आरो सुनके देवबती रंधनी खोली ले अंगना म अइस। ओहर देखीस – ओकर गोसइया समारु के संगे – संग एक झन आदमी कोठा डहर ल झांकत हवै। देवबती ल देख के समारु बताइस – ये कालू आवै। मरहा – खुरहा गाय – बइला मन […]

कहानी

फुटहा छानी

गांव भर चरचा च ले लगिस. अब पंचाइती चुनाव म सरपंच महिला ल चुने जाही. कोन अपन माई लोगन ल चुनाव म उतारही, दिन – रात इही बात होय लगिस. कम पढ़े लिखे गांव म जइसे माईलोगन ल चूल्हा फुंकइया अउ कोरा म बंस बढ़हइया के संग कोरा म लइका खेलइया समझे जाथे ये गांव, […]

कहानी

मतलाहा पानी

गाँव म जब ले राजनीति अपन पांव धरिस। गाँव के गाँव जम्मों निर्दयी अउ निष्ठुर होगे। लोक लाज के बात बिसर गे। सुवारथ अउ पाखण्ड अपन अउकात म आ गे। समारु ल राजनीति ले का लेना – देना पर गांव वाले मन ओकर बिगाड़ करे के निश्चय कर ले रहै। दू पारा के लड़ई म […]